सामाजिक न्याय, दलित अधिकार और संपत्ति विवादों का समाधान

पहली बार सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होंगे दलितों व भूमिहीन परिवारों के मकान; CM मान ने खत्म किए पीढ़ियों पुराने विवाद

‘आबादी’ क्षेत्र में बने घरों का तैयार हुआ डिजिटल राजस्व रिकॉर्ड; सही सीमांकन से आपसी मुकदमों और पारिवारिक झगड़ों पर लगेगी रोक

धूरी (संगरूर): पंजाब के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सुरक्षा (Social Security) और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने आबादी भूमि में रहने वाले दलितों और भूमिहीन परिवारों को आधिकारिक मालीकाना हक (Property Ownership) प्रदान किया है। अब पंजाब सरकार (Punjab Government) द्वारा चलाए जा रहे अभियानों के तहत पहली बार इन गरीब परिवारों के मकानों का ब्योरा भू-राजस्व रिकॉर्ड (Land Revenue Records) में दर्ज किया जा रहा है। दलित अधिकार (Dalit Rights) की रक्षा करते हुए सरकार ने साफ किया है कि इस ऐतिहासिक कदम से कमजोर वर्गों के स्वाभिमान और भविष्य की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

संपत्ति विवादों और पारिवारिक झगड़ों का स्थायी समाधान

गांवों में आबादी क्षेत्र की जमीनों का कोई लिखित राजस्व रिकॉर्ड न होने के कारण अक्सर सीमाओं और हिस्सेदारी को लेकर पारिवारिक व आपसी विवाद पैदा होते थे।

  • पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया: घर-घर जाकर पटवारी, ग्राम स्तरीय समिति और पंचायत की मौजूदगी में स्वामित्व की जांच की जाती है। ड्राफ्ट मैप को सार्वजनिक कर आपत्तियां दर्ज करने का मौका दिया जाता है।
  • विरासत और हस्तांतरण में आसानी: प्रॉपर्टी कार्ड में प्रत्येक सह-स्वामी का हिस्सा स्पष्ट रूप से दर्ज होने से भविष्य में संपत्ति के पंजीकरण, हस्तांतरण और पारिवारिक बंटवारे में कोई कानूनी अड़चन नहीं आएगी।
  • पंचायतों को बेहतर नक्शे: डिजिटल और सटीक नक्शे मिलने से ग्राम पंचायतों को गांव की नालियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों के विकास की योजना बनाने में आसानी होगी।

कमजोर वर्गों का सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भावुक होते हुए कहा कि जिन गरीब और अनुसूचित जाति के परिवारों के पास गांव के आबादी क्षेत्र के बाहर कोई जमीन नहीं है, उनके लिए उनका घर ही उनकी एकमात्र सबसे बड़ी संपत्ति है। अब तक आधिकारिक प्रमाण न होने से वे कई सुविधाओं से वंचित रह जाते थे। प्रमाणित रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (Record of Rights) मिलने से वे अब अपनी संपत्ति के वास्तविक और कानूनी मालिक बन गए हैं।

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