68% स्वदेशी सामग्री के साथ युद्धपोतों की मारक क्षमता होगी दोगुनी; ब्रह्मोस एयरोस्पेस के साथ संपन्न हुआ अनुबंध।

भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई गति देते हुए BrahMos Missile Deal और Indian Navy Warships की मारक क्षमता बढ़ाने से जुड़ा ऐतिहासिक समझौता हुआ है। Defence Ministry Contract और Make in India Defence के तहत यह खबर Defence News Hindi में रणनीतिक विशेषज्ञों के बीच काफी चर्चित हो रही है। रक्षा मंत्रालय ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) के साथ ₹661.50 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस अनुबंध के तहत भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों के लिए अत्याधुनिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सिस्टम, फायर कंट्रोल सिस्टम और मिसाइल लॉन्चर्स की आपूर्ति की जाएगी। इस परियोजना में कम से कम 68 प्रतिशत स्वदेशी कलपुर्जों का उपयोग किया जाएगा।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली भारतीय नौसेना की प्राथमिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जो पानी और जमीन दोनों पर स्थित दुश्मन के ठिकानों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम है। इस समझौते से देश के एमएसएमई (MSME) और रक्षा निर्माण क्षेत्र को भी भारी संख्या में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
