“ड्रग तस्कर कितना भी ताकतवर हो, बख्शा नहीं जाएगा”: CM मान ने दोहराया ‘जीरो टॉलरेंस’ का संकल्प
पंजाब के युवाओं को नशे की दलदल से बचाना सरकार की पहली प्राथमिकता; नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
चंडीगढ़, 14 अक्टूबर 2026:
मानसा की दुखद घटना के बीच पंजाब सरकार ने राज्य को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने कड़े शब्दों में कहा कि नशीली दवाओं या किसी भी प्रकार के नशे के अवैध व्यापार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति (Zero Tolerance Policy Against Drugs) लागू रहेगी। पंजाब पुलिस एक्शन (Punjab Police Action) के तहत चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियानों को और अधिक सख्त किया जाएगा ताकि पंजाब की युवा पीढ़ी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
“नशीली दवाओं और चिट्टे की अवैध बिक्री पर लगेगी पूर्ण रोक”
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चाहे वह मेडिकल स्टोर पर बिकने वाली प्रतिबंधित गोलियां हों या पारंपरिक चिट्टा, नशा तस्करी के इस अपराध में शामिल किसी भी अपराधी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
- सख्त कानूनी शिकंजा: नशा तस्कर चाहे कितना भी प्रभावशाली या राजनीतिक पहुंच वाला क्यों न हो, पुलिस उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करेगी।
- युवा हमारी सबसे बड़ी संपत्ति: पंजाब के नौजवान राज्य का भविष्य हैं, और सरकार उन्हें नशे से दूर रखकर शिक्षा व खेलों से जोड़ने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है।
- जन-सहयोग की अपील: मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ को सफल बनाने में सरकार व पुलिस का सहयोग करें।
कड़ी कार्रवाई और जांच पर मान सरकार का रोडमैप
| प्रशासनिक कदम | स्थिति व उद्देश्य | प्रभाव |
| मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी | 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गिरफ्तार | त्वरित न्याय की दिशा में बड़ा कदम |
| साजिश की गहन जांच | DGP के नेतृत्व में विशेष जांच जारी | पीछे छिपे साजिशकर्ताओं की पहचान |
| नशा विरोधी मुहीम | राज्यभर में व्यापक अभियान | नशा तस्करी नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा |
मुख्यमंत्री मान ने अंत में दोहराया कि पंजाब ने भारी कुर्बानियों के बाद शांति हासिल की है और राज्य में भाईचारे के माहौल को किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
