पंजाब में नशा तस्करों पर कसा शिकंजा: 81,000 से अधिक तस्कर गिरफ्तार, सजा दिलाने की दर पहुंची 89%

15,000 विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.25 लाख वालंटियर्स कर रहे काम; नशामुक्ति केंद्रों में 40,000 से अधिक मरीज भर्ती
मोहाली (एसएएस नगर):
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई अब तक की सबसे बड़ी और पारदर्शी कार्रवाई के आंकड़े सार्वजनिक किए। उन्होंने बताया कि पिछली अकाली, कांग्रेस और भाजपा सरकारों की गलत नीतियों के कारण पंजाब का नाम बदनाम हुआ था, लेकिन वर्तमान मान सरकार ने प्रशासनिक इच्छाशक्ति के बल पर नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। राज्य में अब तक 81,000 से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और मामलों में कोर्ट से सजा दिलाने की दर (Conviction Rate) 89% तक पहुंच गई है।
ड्रग्स के खिलाफ पंजाब सरकार का रिपोर्ट कार्ड
| कार्रवाई / पहल | दर्ज आंकड़े व सफलता | मुख्य प्रभाव |
| नशा तस्करों की गिरफ्तारी | 81,000+ तस्कर गिरफ्तार | 3,900 किग्रा हेरोइन और 983 किग्रा अफीम जब्त |
| विलेज व वार्ड डिफेंस कमेटियां | 15,000 कमेटियां (1.25 लाख वालंटियर्स) | 4,000 से अधिक FIR और 5,000 नई गिरफ्तारियां |
| मुफ्त नशामुक्ति इलाज | 40,000+ मरीज सरकारी केंद्रों में भर्ती | एक साल में दाखिले 3 गुना बढ़े, मुफ्त इलाज |
| ‘सूरमे’ (Soorme) पहल | 2 साल से नशा मुक्त रहे युवाओं का सम्मान | युवाओं को समाज में रोल मॉडल बनाना |
कौशल विकास और ‘सूरमे’ पहल से पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल नशा छुड़ाना ही काफी नहीं है, बल्कि युवाओं का पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है:
- स्किल ट्रेनिंग: मार्च 2025 से राज्य के 21 जिलों के नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में रिकवर हो रहे युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए वोकेशनल और स्किल ट्रेनिंग दी जा रही है।
- ‘सूरमे’ योजना: जो युवा लगातार दो वर्षों तक नशे से दूर रहे हैं, उन्हें ‘सूरमे’ उपाधि से सम्मानित कर समाज में नशा विरोधी एंबेसडर बनाया जा रहा है।
- छात्र जागरूकता: राज्य के 7.5 लाख से अधिक स्कूली छात्रों को नशा रोकथाम कार्यक्रमों के दायरे में लाया गया है।
