दिल्ली में массовых हिरासत (मास डिटेंशन) पर संयुक्त राष्ट्र की चिंता; सुप्रीम कोर्ट ने दिए बैरिकेड हटाने और रिहाई के आदेश

मास डिटेंशन

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई गिरफ्तारियों पर मानवाधिकार आयोग सख्त, सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में Delhi Mass Detentions और Supreme Court Protests Hearing से जुड़ी आज की बड़ी खबरों ने राष्ट्रीय पटल पर हलचल मचा दी है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त (OHCHR) कार्यालय ने दिल्ली में नागरिक प्रदर्शनकारियों और विपक्षी नेताओं की सामूहिक हिरासत पर गहरी “चिंता” व्यक्त करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है। हालांकि, भारत सरकार ने इस अंतरराष्ट्रीय टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है।

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को एक विशेष अवकाशकालीन सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा लगाए गए अनावश्यक बैरिकेड्स को हटाने और मनमाने ढंग से रोके गए लोगों की तुरंत रिहाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ कहा कि लोकतांत्रिक देश में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और असहमति व्यक्त करने का अधिकार नागरिकों का संवैधानिक हक है, जिस पर अत्यधिक प्रतिबंध स्वीकार नहीं किए जा सकते।

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