“शिक्षा ही गरीबी मिटाने की असली चाबी”: CM मान बोले— सरकारी स्कूलों के 882 बच्चों ने NEET पास कर रचा इतिहास

बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के मिलीं 70,680 से अधिक सरकारी नौकरियां; ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत महिलाओं को सीधे बैंक खातों में मिलेगी वित्तीय सहायता
धूरी (संगरूर), 11 अक्टूबर 2026:
संगरूर के मीमसा गांव में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब विकास (Punjab Development) और जनसेवा का रोडमैप पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब शिक्षा मॉडल (Punjab Education Model) और सरकारी नौकरियों (Punjab Govt Jobs) में पारदर्शिता को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि केवल रियायती कार्ड बांटने से गरीबी खत्म नहीं हो सकती; गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही वह एकमात्र माध्यम है जो गरीब परिवारों के बच्चों का जीवन स्तर सुधार सकती है। राज्य में लागू की गई ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ (Mawan Dheeyan Satkar Yojna) के जरिए महिलाओं को सीधे वित्तीय मजबूती दी जा रही है।
NEET परिणाम में 11 गुना से अधिक का उछाल
सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा ‘स्कूल ऑफ एमिनेन्स’ और शिक्षकों के अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण जैसी पहल की गई है, जिसके शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं:
- वर्ष 2021: सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
- वर्ष 2026: यह आंकड़ा 11 गुना से अधिक बढ़कर 882 विद्यार्थी हो चुका है।
97% महिलाओं को ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ का सीधा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की पात्र महिलाओं को 1 जुलाई से ₹1,000 प्रति माह तथा अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है:
- बजट आवंटन: योजना के लिए बजट में ₹9,300 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है।
- व्यापक दायरा: राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जिसमें सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाली महिलाएं भी शामिल हैं।
- कैशलेस इलाज: ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक के मुफ्त और कैशलेस इलाज का लाभ दिया जा रहा है।
