संविधान और मताधिकार की रक्षा का संकल्प; छात्र संगठनों और सिविल सोसायटी के सदस्यों ने भी लिया हिस्सा

@RahulGandhi
hosted leaders of the INDIA alliance,
नई दिल्ली:
संसद में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी ने अपने नई दिल्ली स्थित आवास पर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के शीर्ष नेताओं, विपक्षी सांसदों, विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों और सिविल सोसायटी के सदस्यों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक और चाय पर चर्चा की मेजबानी की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान देश के मौजूदा राजनीतिक हालातों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और हर नागरिक के मताधिकार (Right to Vote) की रक्षा करने के लिए एक साझा रणनीति पर गहन मंथन किया गया।
चाय पर चर्चा के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्षी नेताओं ने दोटूक कहा कि देश में लोकतंत्र और चुनावी प्रणाली को कमजोर करने की हर कोशिश का एकजुट होकर मुकाबला किया जाएगा। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संविधान की प्रस्तावना और उसके बुनियादी ढांचे को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए यह जन-आंदोलन लगातार और अधिक मजबूती के साथ जारी रहेगा।
“हमारा संघर्ष लोकतंत्र की बहाली के लिए है”

बैठक के बाद अपने संबोधन में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष की यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत या दलीय स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि देश के संविधान और आम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग—चाहे वे युवा हों, छात्र हों या नागरिक समाज के प्रबुद्ध लोग—सभी को मिलकर देश के बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी। बैठक में शामिल अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने भी चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग करते हुए सरकार के रवैए की कड़ी आलोचना की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की अनौपचारिक और रणनीतिक बैठकों से विपक्षी गठबंधन को और अधिक जमीनी मजबूती मिल रही है, जिससे आगामी राजनीतिक और संसदीय मोर्चों पर सरकार को घेरने में आसानी होगी।
