“पंजाब को राजनीतिक मोहरा नहीं बनने देंगे”: CM मान ने खोला केंद्र के खिलाफ मोर्चा; कहा— अपनी नाकामियों पर जवाब दे केंद्र सरकार
नशा तस्करी के खिलाफ राज्यव्यापी ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान जारी; अंतरराष्ट्रीय ड्रग रूट्स पर केंद्र की चुप्पी पर मान सरकार का बड़ा हमला
कपूरथला (पंजाब), 13 अक्टूबर 2026:

पंजाब की साख और सुरक्षा से किसी भी प्रकार के समझौते से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने विपक्षी दलों और केंद्र सरकार के राजनीतिक प्रोपेगैंडा के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। कपूरथला में एक बयान जारी करते हुए पंजाब राजनीति (Punjab Politics) के शीर्ष नेता मान ने कहा कि पंजाब सरकार (Punjab Government) राज्य के युवाओं की सुरक्षा और नशे के खात्मे के लिए पूरी निष्ठा से काम कर रही है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल अपनी नाकामियों को छुपाने और चुनावी फायदे के लिए पंजाब को जानबूझकर नशा और अपराध (Drug Trafficking Issues) के केंद्र के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ से बैकफुट पर नशा तस्कर
राज्य में नशे के खात्मे के लिए मान सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की मुख्य बातें:
- 23 जिलों में एंटी-ड्रग बाइक रैली: हाल ही में छप्परचिड़ी से शुरू हुई बाइक रैलियां हर गांव और शहर में जाकर लोगों को जागरूक कर रही हैं और गुप्त शिकायतें जुटा रही हैं।
- विलेज डिफेंस कमेटियां: 15,000 से ज्यादा ग्राम और वार्ड स्तर की सुरक्षा समितियां नशा तस्करों पर पैनी नजर रख रही हैं।
- 81,000 से अधिक गिरफ्तारियां: राज्य पुलिस द्वारा बड़े पैमाने पर तस्करों पर शिकंजा कसा गया है और 89% मामलों में सजा दिलाई जा रही है।
“राष्ट्रीय स्तर की साजिश का शिकार हो रहा पंजाब”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रेखांकित किया कि ड्रग्स का कारोबार एक अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समस्या है। जब तक गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों के समुद्री व जमीनी रास्तों से होने वाली नशे की एंट्री पर केंद्र सरकार कड़े कदम नहीं उठाती, तब तक केवल पंजाब को दोषी ठहराना दुर्भावनापूर्ण है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब की ‘आप’ सरकार राज्य के स्वाभिमान, शांति और सुरक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई जारी रखेगी और किसी भी सूरत में पंजाब का नाम बदनाम नहीं होने देगी।
