जंतर-मंतर अतिचार मामले में बड़ा मोड़: दिल्ली पुलिस ने केस क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल को सौंपा

CJP नेताओं की जमानत पर सुनवाई में देरी क्यों? सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की मुश्किलें बढ़ीं; अनधिकृत प्रवेश और साजिश की जांच तेज।

नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में CJP Leaders Jantar Mantar Case और Delhi Police Crime Branch Investigation से जुड़ी खबरें आज Crime and Law News Hindi में प्रमुखता से पढ़ी जा रही हैं। लुटियंस दिल्ली स्थित जंतर-मंतर के मुख्य द्वारों को फांदकर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और विरोध प्रदर्शन करने के मामले में गिरफ्तार किए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास के खिलाफ दर्ज मामले को दिल्ली पुलिस आयुक्त के आदेश पर क्राइम ब्रांच की ‘इंटर-स्टेट सेल’ (Inter-State Cell) को स्थानांतरित कर दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में इस अनधिकृत प्रदर्शन के पीछे अंतरराज्यीय नेटवर्क और सुनियोजित साजिश के संकेत मिले हैं, जिसके चलते मामले की गहराई से जांच आवश्यक है। विशेष जांच दल (SIT) अब प्रदर्शनकारियों को मिली फंडिंग, सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियानों और इसमें शामिल अन्य बाहरी संगठनों की भूमिका की जांच करेगा। दूसरी ओर, CJP समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए आरोप लगाया है कि छात्र नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इस प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई के बाद राजधानी में राजनीतिक खींचतान और तेज हो गई है।

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