छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक सिरपुर पुरातात्विक स्थल यूनेस्को (UNESCO) की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल

छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक सिरपुर पुरातात्विक स्थल यूनेस्को (UNESCO) की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिलमहानदी के तट पर बसा प्राचीन ऐतिहासिक केंद्र; 5वीं से 12वीं शताब्दी ईस्वी के समृद्ध इतिहास का गवाह।रायपुर / नई दिल्ली:भारतीय संस्कृति, पुरातात्विक विरासत और Chhattisgarh Sirpur UNESCO World Heritage से जुड़ी खबरें National Culture News Hindi में खासी पसंद की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महानदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पुरातात्विक

महानदी के तट पर बसा प्राचीन ऐतिहासिक केंद्र; 5वीं से 12वीं शताब्दी ईस्वी के समृद्ध इतिहास का गवाह।

रायपुर / नई दिल्ली:

भारतीय संस्कृति, पुरातात्विक विरासत और Chhattisgarh Sirpur UNESCO World Heritage से जुड़ी खबरें National Culture News Hindi में खासी पसंद की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में महानदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पुरातात्विक स्थल सिरपुर (Sirpur) को संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की ‘संभावित विश्व धरोहर सूची’ (Tentative List) में आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया गया है।

5वीं से 12वीं शताब्दी ईस्वी की समृद्ध बौद्ध, हिंदू और जैन स्थापत्य कला व मूर्तिकला का केंद्र रहा सिरपुर अपने प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर (लाल ईंटों से निर्मित), बौद्ध विहारों और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। संस्कृति मंत्रालय और राज्य सरकार ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा और भारत की प्राचीन स्थापत्य कला को वैश्विक पहचान मिलेगी।

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