विदेशी आकाओं के इशारे पर ड्रोन के जरिए मंगवाई जा रही थी खेप; DGP गौरव यादव बोले— पुलिस से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप्स का कर रहे थे इस्तेमाल
चंडीगढ़/अमृतसर, 15 अक्टूबर 2026:
पंजाब में आतंकवाद और सीमा पार अपराध पर नकेल कसने के लिए पंजाब पुलिस (Punjab Police Operation) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत काउंटर इंटेलिजेंस (CI) अमृतसर को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पंजाब समाचार (Punjab News) में छाई इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सीमा पार पाकिस्तान से चल रहे अंतरराष्ट्रीय हथियार व विस्फोटक तस्करी मॉड्यूल (Cross Border Arms Smuggling Module) का पर्दाफाश करते हुए पिता-पुत्र समेत 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। मान सरकार (AAP Punjab Govt) के तहत पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 असॉल्ट राइफल, 2 हैंड ग्रेनेड और 13 विदेशी पिस्तौलें बरामद की हैं।
ड्रोन के जरिए मंगवाई जा रही थी हथियारों की खेप
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर को गुप्त सूचना मिली थी कि अजनाला के गांव बल्लरवाल निवासी गुरप्रीत सिंह और उसका बेटा जसकरन सिंह विदेश में बैठे तस्करों के संपर्क में हैं।
“यह मॉड्यूल सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से गिराई जाने वाली हथियार, कारतूस और विस्फोटकों की डिलीवरी प्राप्त करता था। इसके बाद इसे अपने साथियों वीनू, अमृतपाल सिंह और गौरव मसीह के माध्यम से पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में सप्लाई किया जाता था। पुलिस टीम ने अजनाला के पास गांव तेरी के नजदीक घेराबंदी कर डिलीवरी के दौरान ही पांचों मुलजिमों को रंगे हाथों धर दबोचा।”
— गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब
बरामदगी, एन्क्रिप्टेड ऐप्स और एसएसओसी (SSOC) में एफआईआर
पुलिस द्वारा मौके से जब्त किए गए हथियारों और वाहनों का विवरण:
- विस्फोटक व राइफल: 2 हैंड ग्रेनेड और 130 बोर की 1 असॉल्ट राइफल।
- विदेशी पिस्तौलें: 4 ग्लॉक (9mm Glock) और 9 .30 बोर की पिस्तौलें (कुल 13 पिस्तौलें) तथा 25 कारतूस।
- वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा लिवो और हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें।
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि विदेशी हैंडलर पहचान छिपाने के लिए सिग्नल या टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे थे। इस संबंध में स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर में आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव एक्ट और बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे-पीछे के संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।
