CJP के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले कनॉट प्लेस में बीएनएस धारा 163 लागू, सेंट्रल पार्क 16-17 अक्टूबर को बंद

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व्यापारियों के नुकसान और सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने की अपील: बिना अनुमति प्रदर्शन में न हों शामिल, उल्लंघनकर्ताओं पर होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली:

राष्ट्रीय राजधानी में CJP Tiranga March Connaught Place और Delhi Police BNSS Section 163 से जुड़ी आज की बड़ी खबरों ने Delhi Security Updates के तहत हड़कंप मचा दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाले ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान के बाद दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इलाके में बीएनएस (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है और बिना अनुमति के किसी भी सभा को एकत्र होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस की डीसीपी नेहा यादव (DCP Neha Yadav) ने बताया कि सीजेपी ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे लोगों से तिरंगे के साथ सेंट्रल पार्क में एकत्र होने की अपील की थी, जिसका ‘आप’ ने भी समर्थन किया है। हालांकि, कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक कारणों और सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने 16 और 17 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क को आम जनता के लिए पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।

व्यापारियों ने जताई चिंता, दिल्ली हाईकोर्ट में दी गई दलीलें

कनॉट प्लेस और आसपास के व्यापारिक संगठनों (Market Associations) ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आगामी त्योहारी सीजन में उनके प्रतिष्ठानों और व्यवसायों को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी।

  • कारोबार पर असर: व्यापारियों का कहना है कि अनधिकृत सभाओं और उग्र प्रदर्शनों से त्योहारों के दौरान व्यापार बुरी तरह प्रभावित होता है।
  • हाईकोर्ट का रुख: एक संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी माना कि कनॉट प्लेस में व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा की आशंका को देखते हुए दिल्ली पुलिस उचित कदम उठाएगी।

शांति बनाए रखने की अपील और पुलिस का सख्त संदेश

डीसीपी नेहा यादव ने आम नागरिकों, समर्थकों और प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे धारा 163 का उल्लंघन करने वाली किसी भी गैर-कानूनी सभा का हिस्सा न बनें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक व निजी संपत्ति की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यद्यपि राष्ट्रध्वज फहराने के संबंध में सीमित संख्या में लोगों के लिए व्यवस्था पर विचार किया जा सकता है, परंतु बिना अनुमति के सामूहिक विरोध प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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