“अराजकता फैलाने वाले राजनीतिक दलों को जनता देगी करारा जवाब”: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की राष्ट्रीय स्थिरता और विकास पर दिया विशेष जोर
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2026:
देश के राजनीतिक गलियारों और राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने अपने हालिया संबोधन और बयानों में देश विरोधी और अराजकता फैलाने वाली ताकतों पर कड़ा प्रहार किया है। राष्ट्रीय स्थिरता (National Stability India) और विकास के मुद्दों को सर्वोपरि रखते हुए पीएम मोदी ने दोटूक कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने गंदे राजनीतिक खेलों और क्षुद्र महत्वाकांक्षाओं के चलते देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
“राष्ट्रीय स्थिरता से कभी समझौता नहीं कर सकती देश की जनता”
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी देश की प्रगति के लिए उसकी आंतरिक शांति, कानून-व्यवस्था और स्थिरता सबसे बुनियादी शर्त होती है। अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को कमजोर करने वाले लोगों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
- विकास बनाम राजनीतिक षड्यंत्र: देश आज वैश्विक स्तर पर आर्थिक मजबूती और विकास के नए मील के पत्थर छू रहा है, ऐसे समय में कुछ ताकतें अपनी असफलताओं को छुपाने के लिए भ्रम और अराजकता का माहौल बनाने में जुटी हैं।
- मजबूत लोकतांत्रिक मूल्य: भारत का लोकतंत्र और संविधान पूरी तरह से अडिग है, जो देश के हर नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों की रक्षा करता है।
वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत स्थिरता का मजबूत स्तंभ
अंतरराष्ट्रीय मंचों और देश के भीतर अपनी नीतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत दुनिया के लिए एक भरोसेमंद और स्थिर वैश्विक भागीदार के रूप में उभर कर सामने आया है। देश की मजबूत आर्थिक बुनियादी और सुधारों (Reforms) की एक्सप्रेस को रोकने के लिए जो लोग नकारात्मक राजनीति का सहारा ले रहे हैं, उन्हें देश की जनता और युवा पीढ़ी पूरी तरह से नकार चुकी है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के विकास और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
