आरएसएस (RSS) स्थापना दिवस पर मोहन भागवत का राष्ट्र के नाम संबोधन; बोले— “आंदोलनों को देश की शांति और एकता बिगाड़ने का जरिया न बनने दें।”
नागपुर:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के करीब पहुंचते स्थापना दिवस और Mohan Bhagwat Vijayadashami Speech से जुड़ी खबरें National Political News Hindi में मुख्य चर्चा का विषय बनी हुई हैं। नागपुर के रेशमबाग मैदान में आयोजित वार्षिक विजयादशमी उत्सव को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने देशवासियों को चेतावनी दी कि निहित स्वार्थों के लिए चलाए जा रहे राजनीतिक आंदोलनों और सामाजिक विभाजनों से देश की स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान केवल सड़कों पर उग्र आंदोलनों से नहीं, बल्कि बातचीत और समाधानपरक सोच से निकलता है।

सरसंघचालक ने कहा कि विदेशी ताकतें और कुछ असामाजिक तत्व भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक प्रगति से असहज हैं और वे देश के भीतर असंतोष पैदा करने के अवसरों की तलाश में रहते हैं। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट रहने, सामाजिक समरसता बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण के लिए ‘हिंदू भावना’ से काम करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख ने पारंपरिक ‘शस्त्र पूजा’ भी की, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक व राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं।
