“दलित और श्रमिक वर्ग का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा”: सदन में सर्वसम्मति से पास हुआ निंदा और निलंबन प्रस्ताव
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026:
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने पंजाब विधानसभा में एक कड़ा कदम उठाते हुए कांग्रेसी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दावली के प्रयोग और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में निंदा प्रस्ताव पेश किया। भारी हंगामे और चर्चा के बाद सदन ने सर्वसम्मति से सुखपाल सिंह खैहरा को वर्तमान सत्र के शेष समय के लिए निलंबित करने के प्रस्ताव को पारित कर दिया।
“श्रम और समाज के वंचित वर्गों का सम्मान सर्वोपरि”
सदन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का यह नैतिक कर्तव्य है कि वे समाज के परिश्रमी मजदूरों, श्रमिक वर्ग और विशेषकर अनुसूचित जातियों (Dalit Community) के स्वाभिमान का सम्मान करें।
- शून्य सहनशीलता: जाति, सामाजिक स्थिति या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी भी नागरिक को नीचा दिखाने वाली भाषा के प्रति सरकार की नीति ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की है।
- जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी: मंत्री ने जोर देकर कहा कि विधायकों को सदन के भीतर और बाहर ऐसी टिप्पणियों से बचना चाहिए जो किसी समुदाय की भावनाओं को आहत करती हों।
- महिला सशक्तिकरण: इस दौरान सरकार द्वारा महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता देने जैसी जनकल्याणकारी पहलों का भी उल्लेख किया गया।
सदन द्वारा पारित इस निलंबन प्रस्ताव को पंजाब की राजनीति में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि विधायी मंचों पर अपमानजनक भाषा को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
