नहरी पानी अभियान से बदली पंजाब की कृषि तस्वीर: 14,000 किमी पाइपलाइन बिछने से भूजल स्तर में 4 मीटर सुधार

नहरी पानी अभियान से

“नहरी पानी पंजाब की फसलों के लिए देशी घी जैसा है”: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विधानसभा में गिनाईं कृषि सुधार की बड़ी उपलब्धियां

चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने 16वीं पंजाब विधानसभा के 13वें सत्र के दौरान संबोधित करते हुए राज्य की कृषि व्यवस्था में आए ऐतिहासिक बदलावों का ब्योरा दिया। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ साझा किया कि सरकार के दूरदर्शी ‘नहरी सिंचाई अभियान’ के कारण राज्य में नहरी पानी का उपयोग 2022 के 22 प्रतिशत से बढ़कर अब 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है, जिससे पंजाब के कई इलाके ‘डार्क जोन’ से निकलकर ‘सेफ जोन’ में पहुंच चुके हैं।

14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइन और भविष्य की योजनाएं

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि खेतों तक नहरी पानी सुगमता से पहुंचाने के लिए सरकार ने रिकॉर्ड 14,000 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन का जाल बिछाया है। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप पहली बार भाखड़ा नहर के बराबर लगभग 18,000 क्यूसेक पानी सीधे किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है।

  • धान की पैदावार में इजाफा: खनिजों से भरपूर नहरी पानी मिलने के कारण इस सीजन में धान का झाड़ (उत्पादन) बढ़कर लगभग 90 मन प्रति एकड़ तक पहुंच गया है।
  • भूजल स्तर में सुधार: केंद्र सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, नहरी विस्तार के कारण पंजाब के भूजल स्तर में औसतन 4 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
  • आगामी विस्तार: जो इलाके पिछले 40-50 वर्षों से नहरी पानी के लिए तरस रहे थे, वहां पानी पहुंचाने के लिए सरकार अब 6,000 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने जा रही है।

किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने का मिशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक ट्यूबवेलों और गहरे बोरवेलों पर निर्भरता कम करने से किसानों का आर्थिक बोझ कम हुआ है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अन्नदाता किसानों को बिना किसी संघर्ष के उनकी जरूरत के अनुसार पानी मिले, ताकि पंजाब देश का पेट भरने के साथ-साथ अपने प्राकृतिक जल संसाधनों को भी सुरक्षित रख सके।

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