“चुनाव आयोग की आड़ में विपक्ष के वोट काटने और अपने वोट जोड़ने का चल रहा खेल”: पंजाब विधानसभा में सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर 2026:
पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित ‘वोट-चोरी’ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए इस प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग के नाम पर लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है और बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा व महाराष्ट्र के चुनाव इसी माध्यम से प्रभावित किए गए हैं।
“तानाशाही ने लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर कब्जा कर लिया है”
सदन में एस.आई.आर. प्रक्रिया के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि आज देश इस चरण पर पहुंच गया है जहां सरकारें यह तय करने लगी हैं कि किसे वोट डालने का अधिकार है।
- संविधान की मूल भावना पर चोट: बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए समानता और मताधिकार के अधिकारों को कमजोर करने की हर साजिश का पंजाब कड़ा विरोध करेगा। विधानसभा ने मौखिक मतदान के जरिए एस.आई.आर. के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर देश में अग्रणी भूमिका निभाई है।
- केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग: मुख्यमंत्री ने ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों के कामकाज पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संस्थाओं को राजनीतिक दबाव से मुक्त होना चाहिए।
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कृषि चिंताएं: अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौतों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इससे भारतीय किसानों और कृषि हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है, जिसे पंजाब का किसान कभी स्वीकार नहीं करेगा।
