गुरुग्राम, फरीदाबाद व रेवाड़ी में ब्लैकआउट के बाद सड़कों पर उतरे नागरिक; सरकार HERC के निजीकरण आदेश को उच्च न्यायालय में देगी चुनौती।
चंडीगढ़ / गुरुग्राम:
हरियाणा बिजली नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह के मलाईदार क्षेत्रों में एक निजी कंपनी ‘इलेवन पावर’ को 25 साल का समानांतर वितरण लाइसेंस दिए जाने के विरोध में राज्य के 40,000 से अधिक बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों की 3 दिवसीय हड़ताल आज संपन्न हो गई।
हड़ताल के कारण गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, पानीपत और रोहतक सहित कई जिलों में लंबा ब्लैकआउट देखा गया, जिससे न केवल घरों की बत्ती गुल रही बल्कि जलापूर्ति भी बुरी तरह ठप हो गई। फरीदाबाद और रेवाड़ी में गुस्साए निवासियों और ग्रामीणों ने सड़कों पर जाम लगाकर बिजली-पानी की तत्काल बहाली की मांग की।
बढ़ते जन-आक्रोश के बीच कैबिनेट मंत्री अनिल विज और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि सरकार कर्मचारियों के हितों और सरकारी बिजली निगम (DHBVN) की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार HERC द्वारा निजी कंपनी को जारी किए गए लाइसेंस के खिलाफ विधिक राय लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगी। बिजली निगम के फील्ड इंजीनियरों और बैकअप टीमों को प्रभावित इलाकों में बिजली लाइनें दुरुस्त कर आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
