सोनिया गांधी की आने वाली किताब रिलीज से पहले ही चर्चा में है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता ने किताब से जुड़े एक वीडियो में अपने जीवन के कई अहम पड़ावों को याद किया है। इसी दौरान उन्होंने बताया कि जब राजीव गांधी को प्रधानमंत्री पद संभालने के लिए कहा गया था, तब वह इसके पूरी तरह खिलाफ थीं।
सोनिया गांधी ने कहा कि उस समय उन्होंने महसूस किया कि उनके बारे में पहले ही बहुत कुछ लिखा जा चुका है और उसमें कई बातें वास्तविकता से अलग थीं।
‘मेरे बारे में बहुत कुछ सही नहीं लिखा गया’
सोनिया गांधी के मुताबिक, उनके बारे में वर्षों के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। उन्होंने कहा कि इनमें कुछ बातें सही थीं, लेकिन बहुत-सी चीजें ऐसी भी थीं जिन्हें उन्होंने गलत या गढ़ा हुआ माना।
इसी अनुभव के बाद उन्हें लगा कि अपनी कहानी को खुद तथ्यों के साथ लोगों के सामने रखना चाहिए।
सोनिया ने कहा कि उनकी आने वाली किताब उनका केवल एक पक्ष रखने की कोशिश नहीं है, बल्कि यह उनकी कहानी है, जिसे वह अपने अनुभवों के आधार पर साझा कर रही हैं।
लोगों की राय बदल सकती है
सोनिया गांधी ने यह भी कहा कि किताब पढ़ने के बाद हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। कुछ लोगों का उनके प्रति नजरिया बदल सकता है, जबकि कुछ लोगों की राय उनके बारे में और खराब भी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में रहता है और अपनी कहानी सामने रखता है तो चर्चा और विवाद होना स्वाभाविक है।
‘तमाशा होना तय है’
किताब को लेकर सोनिया गांधी ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में कहा कि जब किताब सामने आएगी तो तमाशा होना तय है।
उन्होंने कहा कि कई दशकों तक दूसरे लोग उनकी कहानी सुनाते रहे हैं, लेकिन अब वह खुद अपनी कहानी बताने जा रही हैं।
राजीव गांधी से मुलाकात और प्यार का जिक्र
इससे पहले 24 अक्टूबर को सोनिया गांधी ने अपनी और राजीव गांधी की प्रेम कहानी का भी जिक्र किया था।
उन्होंने बताया कि उनकी प्रेम कहानी कैम्ब्रिज के एक छोटे से ग्रीक रेस्तरां से शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी और उन्होंने प्यार, हंसी और यादों से भरी एक दुनिया बनाई थी।
अब उनकी किताब के जरिए उस निजी दुनिया के कई अनुभव और यादें पाठकों तक पहुंचने वाली हैं।
