“कर्मचारी कल्याण मान सरकार की मुख्य प्राथमिकता”: वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने मुलाजिम यूनियनों को दिया समयबद्ध समाधान का भरोसा

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ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, आउटसोर्स मुलाजिमों, बकाए इंक्रीमेंट और पेंशन संबंधी मांगों पर कनिष्ठ अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

चंडीगढ़, 15 अक्टूबर 2026:

पंजाब के कर्मचारियों और ठेका मुलाजिमों की लंबित मांगों को सहानुभूतिपूर्वक हल करने के लिए पंजाब सरकार (Punjab Government) ने बड़े कदम उठाए हैं। पंजाब प्रशासनिक सुधार (Punjab Administrative Reforms) और कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्य के वित्त मंत्री और कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन हरपाल सिंह चीमा (Harpal Singh Cheema) ने चंडीगढ़ में विभिन्न मुलाजिम और आउटसोर्स यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। आप पंजाब (AAP Punjab) सरकार ने सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कर्मचारियों की तकनीकी और वित्तीय मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान निकाला जाए।

इन मुख्य मुद्दों और मांगों पर हुई विस्तृत चर्चा

कैबिनेट सब-कमेटी की इस बैठक के दौरान कर्मचारियों के कई लंबे समय से लटके सर्विस मामलों पर चर्चा की गई:

  1. पक्का करना व आउटसोर्सिंग: कांट्रैक्ट/ठेका ढांचे के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को पक्का करना और आउटसोर्स कर्मचारियों को सीधे विभागीय रोल पर लाना।
  2. इंक्रीमेंट व पेंशनरी लाभ: रोकी गई सालाना वेतन वृद्धियों (Incroments) को बहाल करना तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशनरी राहत देना।
  3. स्मार्ट मीटर सुरक्षा व अन्य मांगें: स्मार्ट बिजली मीटरों के प्रभाव से कर्मचारियों को सुरक्षा देना और रिक्त पड़े पदों पर पारदर्शी भर्तियां करना।

10 प्रमुख यूनियनों ने सौंपा अपना मांग पत्र

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बैठक में पहुंचे प्रतिनिधिमंडलों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी वित्तीय पहलुओं की समीक्षा कर जल्द रिपोर्ट सौंपें।

बैठक में ‘इनलिस्टमेंट-आउटसोर्सिंग समन्वय समिति पंजाब’, ‘पंजाब वाटर सप्लाई व सीवरेज बोर्ड ठेका कर्मचारी यूनियन’, ‘पावरकॉम व ट्रांसको ठेका कर्मचारी यूनियन’, ‘पावरकॉम मीटर रीडर यूनियन’, ‘सोशल कर्मचारी यूनियन’, ‘रिटायर्ड होम गार्ड्स वेलफेयर एसोसिएशन’, ‘बेरोजगार साझा मोर्चा’ और ‘नेशनल हेल्थ मिशन कोरोना वॉलंटियर यूनियन’ समेत 10 प्रमुख यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपने मांग पत्र सौंपे।

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